महात्मा गांधी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिनहट में 1929 में स्थापित किया गया, जहाँ डॉक्टर अंशुमान श्रीवास्तव का साकुशल कार्य

उत्तर प्रदेश ब्रेकिंग

उत्तर प्रदेश राजधनी लखनऊ – चिनहट क्षेत्र में सन 1929 महात्मा गांधी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिनहट कस्बे में स्थपित किया गया था जिसमे वर्तमान समय मे कुल एक ही डॉक्टर चिकित्साअधिकारी डॉक्टर अंशुमान श्रीवास्तव ही नियक्त है।

जब आज सुबह चिकित्सा अधिकारी अंशुमान श्रीवास्तव से खास बात-चीत में पता चल कि इस अस्पताल में केवल मात्र एक ही डॉक्टर है वोभी मैं हूँ किसी भी वजह से और डॉक्टरो की नियक्त नही हो पाए लेकिन मुझे चिनहट महात्मा गांधी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व चिनहट वाशियों ने काफी सहियोग दिया जब मैं इस अस्पताल में क़दम रखा तो नाम ले लिए अस्पताल था लेकिन कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी

फिर जाकर मुझे पता चला कि महात्मा गांधी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिनहट में 1929 में स्थापित किया गया था। सुविधाएं न होने और बिल्डिंग जर्जर होने के चलते यह काफी समय तक बंद रहा। फिर इस बिल्डिंग को गिराकर नई बिल्डिंग बनाई गई। वर्ष 2013 में स्वास्थ्य मंत्री ने इसका लोकार्पण किया, लेकिन एक साल पूरे हो जाने के बाद भी यहां स्टाफ की नियक्त नहीं हो पाई। मरीजों को देखने के लिए मल्हौर रोड स्थित चिनहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से दो डॉक्टरों को नियुक्त किया गया था। इसमें भी डॉक्टर वैभव पाठक वीआईपी ड्यूटी या फील्ड पर ज्यादा रहते थे। इसकी वजह से मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी एक डॉक्टर के भरोसे टिक जाती थी। इसकी वजह से मरीजों की भीड़ जमा हो जाती है और उन्हें इलाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था। बैठने का उचित इंतजाम नहीं होने की वजह से मरीज फर्स पर बैठे अपनी बारी का इंतजार करते रहते थे।

पर आज आप उसी अस्पताल में जाकर देखेंगे तो काफी बदलाव हो चुका है जिसमे आप सुबह आठ बजे समय से चिकित्साअधिकारी डॉक्टर अंशुमान श्रीवास्तव अपनी सीट पर बेठ जाते है आए हुए बीमार मरीजों का इलाज करना शुरू कर देते है जोकि प्रतिदिन सुबह आठ बजे से लगाकर दोपहर दो बजे तह अकेले ही तीन सौ से अधिक मरीजों का इलाज करते है वह जिसका ज्यादा स्वस्थ्य नाजुक होता है उसको भर्ती भी करते है चिकित्साअधिकारी डॉक्टर अंशुमान श्रीवास्तव का यह भी कहना है कि कभी-कभी काफी मुश्किल का भी सामना करना पड़ जाता है कुल बेड़ बीस है और मरीज चालीस हो जाते है एक बेड पर दो मरीज का इलाज करना पड़ता है जिसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भी लिखा है और जल्द से जल्द कोई न कोई निस्तारण किया जाएगा वही दुसरी तरफ क्षेत्र वासियो का ये भी कहना है कि जब से डॉक्टर अंशुमान श्रीवास्तव जी महात्मा गांधी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिनहट में आए है तो समय भी नही लगता व इलाज भी सही हो जाता है व क्षेत्र के कई राशुखदार भी अस्पताल में दवाई लेने के लिए नज़र आए।

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