ओवरलोड वाहनों से खराब होती सड़कें, मौन जिम्मेदार

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कौशाम्बी:सूबे के डिप्टी सीएम के गृह जनपद के जिम्मेदारों की मिलीभगत से दर्जनों बालू के घाट अवैध रुप से बेरोकटोक से चल रहे हैं यहाँ तक कि कमाई में मस्त अफसरो की आँखे इस कारनामे को देख ही नही पा रही है कई बालू घाट में दिनदहाड़े बालू माफियाओं द्वारा पनचक्की व पोकलैंड से यमुना नदी की धारा को भी बदल कर बालू की निकासी कर रहे हैं जिससे जिले की यमुना नदी का अस्तित्व भी खतरे के कगार पर पहुँच गया है नेताओं और अफसरों की खामोशी से अवैध बालू खनन का कारोबार यमुना नदी के घाटों पर परवान चढ़ता ही जा रहा है अवैध खनन में बालू माफिया सहित गांव के आवारा, लफंगा, गंजेड़ी टाइप दबंग युवक लगे हुए है जिसमें चंद रुपये की लालच में मजदूर तबके के लोग भी शामिल हैं जिले की सीमा से लगे अन्य जिलों के माफिया भी अवैध बालू खनन कारोबार करते है माफियाओं के सामने लाचार,बेबस अफसरशाही कभी कभी दो चार ओवरलोड वाहनों को सीज कर गुडवर्क कर लेती है लगातार कार्यवाही न होने से ठोस नतीजा नहीं निकल रहा है जिले में दर्जनो बालू के घाटों से रात दिन अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों से महेवाघाट,जमुनापार, नौबस्ता,कटरी,डेलावल,कटैया, दलेलागंज, महिला, नंदा का पूरा, सहित दर्जनों घाटों में अवैध बालू खनन का कारोबार इस समय जोरों पर चल रहा है जिसमें जेसीबी मशीन सहित पोकलैंड व अन्य मशीनों को लगाया गया है एक साथ सैकड़ों लोगों का सहारा लेकर काम किया जा रहा है नाव का भी उपयोग लिया जा रहा है।

अवैध खनन से करोड़ो राजस्व क्षति, कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति

कौशांबी जनपद के दर्जनों बालू के घाट सोना उगल रहे है जनपदीय बालू माफियाओं और गैर जनपदीय बालू माफियाओं से साठ गांठ कर विभागीय अधिकारी भी अपनी तिजोरी भरने से पीछे नहीं हटे लूट तो जिम्मेदार मिलकर रातदिन करने में मशगूल है जिले के बालू घाटो से अवैध खनन व ओवरलोड वाहनों पर शिकंजा कस कर करोडो रुपये का मुनाफा राजस्व विभाग की तिजोरी को भर सकते हैं लेकिन राजस्व की तिजोरी से जिम्मेदारों को क्या फायदा होगा उनको तो अपनी तिजोरी भरनी है। तभी तो जिले की ऐसी कोई सड़क नही जिससे रोजाना सैकड़ों की क्षमता से अधिक वाहन चालक बालू लेकर गुजरते हैं ऐसा भी नही है कि जिम्मेदारों को पता व दिखाई नही देता होगा ऐसा नमुमकिन है जिसका नुकसान जिले के राजस्व की क्षति से उठानी पड़ती है सरायअकिल, व महेवाघाट, पशिम शरीरा,पिपरी, पुरामुफ्ती, कोखराज, सैंनी, मंझनपुर,करारी, जैसे थानों की हालत अधिक खराब है इस क्षेत्र में जिले की सीमा से लगे पडोसी जनपद फतेहपुर,चित्रकूट, प्रतापगढ़,बादा,जैसे दर्जनों जिले के बालू माफिया भी लगे हैं।

आखिर कौन है जिम्मेदार

कौशाम्बी जिले में जिम्मेदार अफसरों के उदासीन रवैया से बालू का अवैध खनन माफिया रात दिन कर रहे हैं अवैध बालू खनन की जिम्मेदारी जिले के खनन विभाग की होती है जिसका सारा कागजी कोरम इस विभाग के हाथ होता है अगर ये चाहे तो बालू के घाटो में जेसीबी व पोकलैंड गरज नही सकती हैं। अब बारी आती है बालू को लेकर सड़क पर आने की तो इस पर शिकंजा कसने का काम संभागीय परिवहन विभाग की है जो किसी भी ओवरलोड वाहन ट्रक,ट्रैक्टर व डंपर को बालू लादकर सड़क से गुजरना है और करोडो की सड़कों को बर्बाद कर रख देता है। जब मन हुआ तो सप्ताह में जवाब देने के लिए 4 से 6 ओवरलोड वाहनों के खिलाफ लिखापढ़ी कर थानों में खड़ा करा कर वाहवाही लूट लेते हैं पुलिस विभाग की भी जिम्मेदारी है कि वह ओवरलोड वाहनों पर प्रतिबंध लगाए अपने थानों से ऐसे वाहनों को गुजरने न दे इन तीनो विभागों की मिलीभगत से जिले में ये अवैध बालू का कारोबार फल फूल रहा है खनन विभाग व पुलिस ने कई बार कार्रवाई भी किया लेकिन दबंग माफियाओं के विभागीय प्रशासन नतमस्तक दिखाई दे रहा है।

अवैध बालू घाटों में कई बार तड़तड़ा चल चुकी है गोलियां

कौशाम्बी अवैध बालू खनन के लिए बालू माफियाओं के बीच घाटों में कब्जा करने के लिए आपस में गोलियां भी चलने की बात कोई नई नही है अभी कुछ दिन पहले पशिमशरीरा थाना के कटरी, डेलावल, घाट में गोली चलने से एक जख्मी व एक को जिंदा जला दिया गया था। जिससे झल्लर की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

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